उर्स का मतलब क्या होता है और इसका मनाना कैसा है*

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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*

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*_🌙 इस्लामी तारीख_*
*_26/01/1445_* 
*_मोहर्रमुल हराम_* 
*_⛅ दिन; पीर_*                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                             
*_🗓️ अंग्रेजी तारीख_*
*_14/08/2023_*     
*_अगस्त_*
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*🧮 पोस्ट 174▪️*


*📝 सवाल :-*
*📇 उर्स का मतलब क्या होता है और इसका मनाना कैसा है*


*✍️ जवाब -:*
*📇 सबसे पहले तो जानें कि उर्स का मतलब क्या होता है उर्स का मतलब होता है शादी यानी खुशी का दिन हदीसे पाक में है कि क़बर में तीन सवाल होते हैं और जब मोमिन उन सवालों के जवाब दे देता है तो फरिश्ते कहते हैं "सो जा उस तरह से जैसे पहली रात की दुल्हन सोती है" तो ये वक़्त मोमिन की ईद की ईद का वक़्त होता है कियूंकि उसे दो खुशी हासिल हुई पहली सवालों जवाब में कामयाब रहा और दूसरी उसे हुज़ूर अक़दस सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम की ज़ियारत हुई इस लिए हम भी किसी वली के खुशी के दिन को मनाते हैं ताकि हमें भी फ़ैज़ हासिल हो उर्स कियूं मनाते हैं उर्स का मनाना हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम और सहाबए कराम की सुन्नत से साबित है और इसके हवाले से बहुत सी हदीसे पाक मौजूद हैं ख़ुद हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम हर साल शोहदाये ओहद के मज़ारों पर जाते और हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम के विसाल के बाद हर साल हज़रते अबु बक़र सिद्दीक़, हज़रते उमर फ़ारूक़, हज़रते उस्माने ग़नी रादियल्लाहु अन्हुम वगैरह का भी यही मामूल रहा इस लिए हम भी इस सुन्नत पर अमल करते हैं गोया की मज़ार पर जाना फ़ातिहा वगैरह पढ़ना, लंगर करना, मिलाद मनाना ये जाएज़ है और इनमे कोई गलत नही बल्कि इससे उनके दराजात में बलन्दी होती है और इससे हमें भी फ़ैज़ मिलता है इस लिए ये बाईसे बरकत है* 

*📚 शरहे सुदूर 210*
*📚 तफ़्सीर जाआमे उल बयान 13/92*
*📚 तफ़्सीर ए कबीर 19/45*

*👉 नोट: उर्स में क्या गलत है उर्स के मौके पर ढोल तमाशे करना ढोल बाजों के साथ संदल ले जाना मौसिक़ी क़व्वाली वगैरह करना और शामिल होना बेपर्दगी करना इस तरह के तमाम ख़ुराफ़ात हराम व नाजायज़ हैं लिहाज़ा इससे बचना चाहिए और उलमाए अहले सुन्नत इससे मना फरमातें हैं*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदके तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*

*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*



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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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