कुछ लोग कहते हैं कि औलिया अल्लाह के नाम जो नज्र मानी जाती है वह शिर्क है क्या यह सही है*

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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*


*🧮 पोस्ट 97▪️*


*📝 सवाल-;*
*📇 कुछ लोग कहते हैं कि औलिया अल्लाह के नाम जो नज्र मानी जाती है वह शिर्क है क्या यह सही है*


*✍️ जवाब ;-* 
*📇 सरासर गलत है औलिया अल्लाह के नाम जो नज्र मानी जाती है वह शराई नज्र नहीं बल्कि उर्फी है नज्र की 2 किस्में हैं*
*1:- शरई नज्र*
*2:- उर्फी नज्र* 
*शरई नज्र उसे कहते हैं किसी गैर जरूरी इबादत को अपने ऊपर जरूरी कर लेना और इबादत उसे कहते हैं किसी को माबूद खुदा मान कर उसे खुश करने के लिए कोई काम करना जबकि उर्फी नज्र आम लोगों की बोली में हदया तोहफा नजराना को कहा जाता है जैसे कोई कहता है कि “या गौस पाक" आप दुआ फरमाए अगर मेरा मरीज अच्छा हो गया तो मैं आपके नाम की देग पकाउँगा इसका मतलब यह नहीं होता कि आप मेरे खुदा हैं माबूद हैं इस बिमार के अच्छा होने पर मैं आपकी इबादत करूँगा बल्कि यह मतलब होता है कि मैं पोलाव या बिरयाकी का सदका करूँगा अल्लाह तआला के लिए उस पर जो सवाब मिलेगा आप (सरकार गौस पाक) को बख्शूंगा जैसे कोई किसी डॉक्टर से कहे अगर बिमार अच्छा हो गया तो 500 सौ रूपये आपको तोहफा दूंगा आपकी नज्र करूँगा इसमें क्या गुनाह नज्र शरई अल्लाह तआला के सिवा किसी की मानना जायज नहीं जबकि नज्र उर्फी बुजुर्गाने दीन औलिया अल्लाह केलिए उनकी हयात जाहिरी या हयात बातिनी में पेश की जाती हैं जायज है*

*📚 जायज़-नाजायज़ कि कसौटी और ग्यारहवी शरीफ 12*

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*💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*

*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*



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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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